नवपाषाण काल का अंत होते होते धातुओं के प्रयोग की शुरुआत हुई जिसमे सबसे पहले तांबे का प्रयोग पत्थरो के साथ मिश्रित कर औजारों/उपकरण बनाने में हुआ मानव द्वारा पत्थर और तांबे के साथ मिलकर उपकरण प्रयोग करने के कारन कई संस्कृतियों का जन्म हुआ इन संस्कृतियों को ताम्रपाषण (Chalcolithic) कहते है पहली धातु जिसका प्रयोग औजारों में किया गया वह तांबा है तांबे का सर्वप्रथम प्रयोग 5000 ईसा पूर्व किया गया! भारत में हड़प्पा की कांस्य संस्कृति पहले आती है परन्तु तकनीकी दृष्टि से ताम्रपाषण अवस्था हड़प्पा की कांस्य युगीन संस्कृति से पहले की है ताम्रपाषण कालीन युग के लोग मुख्यत "ग्रामीण समुदाय" के थे,जो देश के ऐसे विशाल भागों में फैले थे जहाँ पहाड़ी,जमीन,नदिया थी इसके विपरीत हड़प्पाई लोग कांसे का प्रयोग करते थे और सिन्धुघाटी के बाद वाले मैदानों में हुई उपज के कारण "नगर निवासी" हो गए थे ताम्रपाषाण काल के मानव का जीवन, कृषि, पशुपालन आदि पर आधारति था पाषाण काल stone Age (प्राचीन इतिहास) को भी पढ़े! यहाँ हम सर्वप्रथम ताम्रपाषाण संस्कृति पर विचार करेंगे...
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